नवागढ़ :- द गुरुकुल इंग्लिश मीडियम स्कूल सुकूल पारा नवागढ़ में आज कन्या पूजन का भावपूर्ण आयोजन किया गया जिसमें नर्सरी, पीपी 1 और पीपी 2 के छोटी छोटी 21 कन्या को दुर्गा स्वरूपा मानकर पूजा अर्चना की गई। जिसमें सर्वोत्तम सभी माता रूपी कन्या का चरण निर्मल जल से पखारा गया, उनके चरणों को साफ पोंछकर माहुर लगाया गया।
फिर पूरी श्रद्धा से फूल चढ़ाकर, फूलों की माला पहनाकर ,चुनरी ओढ़ाया और देवी रूप का अनुभव करते हुए आरती उतारी गई। ऐसे में यह दृश्य बेहद भावुक और श्रद्धा पूर्ण था। सभी कन्या सुसज्जित रूप में साक्षात् देवी रूप लग रहीं थी। सभी शिक्षकों ने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ आरती उतारी और आशीर्वाद लिया।एक संस्कार, एक सोच का मिला जुला रूप से विद्यालय मंदिर का स्वरूप बन गया था।
बच्चे को पता चलता है कि नवरात्रि कन्या पूजन से ही पूर्ण होता है।आज विद्यालय में जब कन्याओं के पैरों में आलता लगा, मस्तक में टीका लगा चुनरी ओढ़ा, आरती उतारी,आशीर्वाद दिया तब उनके मन में एक ही भाव था – आज मैं ख़ास हूँ।मैं बेटी हूँ!स्कूल का काम सिर्फ ए बी सी सिखाना नहीं, बल्कि ये सिखाना है कि हर बेटी में माँ दुर्गा बसती है।स्कूल में कन्या भोजन होना ही चाहिए, क्योंकि यहीं से एक अच्छे सोच वाले समाज की शुरुआत होती है। आज इस आयोजन में प्राचार्य धर्मेंद साहू, पूजा सोनकर,दिलेश्वरी गेंद्रे, सुप्रिया साहू,गगन धर दीवान, मेघा दीवान, राजेश धर दीवान सहित अभिभावक भी उपस्थित रहे।
शिक्षा संस्कारों के साथ धर्म में आस्था शिक्षा का मूल है। ऐसे में कन्या को देवी रूप में पूजा हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति का परिचय देता है। सभी देवी स्वरूपा कन्या को भोग लगाया गया और उनसे प्रसाद भी सबने प्राप्त किया।आज वे सिर्फ़ स्कूल नहीं आई अनेकों भावों को लेकर आई, उनका आशीर्वाद का अनुभव सबने प्राप्त किया। यह परम्परा भारतीय संस्कृति का ज्ञान कराता है ।
