सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी बयां कर रहा निरतु गांव, निवर्तमान सरपंच ने भ्रष्ट्राचार का बनाया रिकार्ड, पेयजल व्यवस्था के नाम पर 18.32 लाख निकाली लेकिन धरातल पर पीने के पानी की किल्लत
बिलासपुर/मस्तूरी:- सरकार द्वारा गांवों के विकास के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं, मगर अब भी जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिम्मेदारों द्वारा योजनाओं के लिए मिले धन का उपयोग मनमाने तौर पर किया जा रहा है। मस्तूरी विकासखंड का निरतु ग्राम पंचायत सरकारी धन के दुरुपयोग का जीता जागता उदाहरण है।
ग्राम पंचायत निरतु में नवाडीह, अदराली, भिंभोरीपारा गांव शामिल हैं। गांव की जनसंख्या लगभग 2100 के करीब है। यहां निवर्तमान सरपंच मुरली मनोहर बिंद के पंचवर्षीय कार्यकाल में सरकारी धन के दुरुपयोग का पहला उदाहरण है मेलूराम घर से रेलवे लाइन पहुँचमार्ग तक एवं श्यामलाल घर से बड़े तालाब तक सीसी कांक्रीट सड़क निर्माण का, जिसके निर्माण के लिए केंद्रीय मद 15वें वित्त से गत जुलाई 2024 में 04 लाख 41 हजार 996 रुपए की राशि निकाली गई लेकिन धरातल पर एक ढेला का भी काम आज पर्यन्त नही कराया गया। निवर्तमान सरपंच ने उक्त निर्माण की राशि का सीधे तौर पर गबन कर लिया। दुरुपयोग का दूसरा उदाहरण है नाका खोली में सांस्कृतिक मंच निर्माण। ग्राम के चार स्थानों क्रमश- बंगला भांठा, पनपिटा तालाब के पास, ठाकुरदिया पारा एवं नाका खोली में मंच निर्माण कार्य के लिए वर्ष 2021, 23 व 24 में 09 लाख 44 हजार 106 रुपए की राशि 14वें, 15वें वित्त से आहरण की गई। जिसमें तीन स्थानों पर मंच का निर्माण कराया गया किन्तु नाका खोली में मंच निर्माण की राशि डकार ली गई और मौके पर पूर्व सरपंच के कार्यकाल में निर्मित बिना शेड का मंच चबूतरा जर्जर अवस्था पर आस्तित्व में है। तीसरा दुरुपयोग ग्राम में पेयजल व्यवस्था के नाम पर 15वें वित्त की राशि के 18.32 लाख का वारा- न्यारा किया गया है। जिसमे रनिंग वाटर व्यवस्था व 02 नग हेंडपम्प खनन के लिए रिचार्ज बाउचर तिथि 10 नवंबर 2021 की स्थिति में 02 लाख 82 हजार 558 रुपए, रनिंग वाटर कार्य और पाइप लाइन विस्तार कार्य पर 27 अप्रैल 2022 में 03 लाख 49 हजार 163 रुपए व 03 मई 2022 को भी 03 लाख 49 हजार 163 रुपए और 28 अप्रैल 2022 में पुनः 03 लाख 49 हजार 163 रुपए तथा नलकूप खनन एवं बोर स्थापना कार्य 06 नग हेतु तिथि 07 जुलाई 2024 की स्थिति में 05 लाख 02 हजार 886 रुपए की राशि आहरित होने का उल्लेख जियोटैग में है। इस प्रकार निरतु के निवर्तमान सरपंच मुरली मनोहर बिंद के कार्यकाल में पेयजल के लिए 18 लाख 32 हजार 933 रुपए निकाली तो गई है पर गांव के धरातल पर यहां के निवासियों को आज भी पीने के पानी की किल्लत है और वे आज भी वर्षों पुराने हेंडपम्प पर निर्भर है। ग्रामीणों के मुताबित निवर्तमान सरपंच ने जितनी राशि पेयजल व्यवस्था मुहैया कराने के नाम पर निकाली है, उतनी राशि खर्च से तो पूरे ग्राम की पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ हो जाती। उनका आरोप है कि सरपंच बिंद ने नाम मात्र का काम कराया है और आधे से अधिक राशि का निजी स्वार्थ सिद्धि में उपयोग किया गया है। साथ ही ग्राम के बुनियादी विकास पर जोर देने के बजाय पांच साल अपने विकास पर जोर दिया गया। इस दौरान पांच सचिव बदले गए। जिसके कारण निरतु पंचायत के विकास पर ग्रहण सा लग गया है। इसके अलावा ग्राम के अनेको पात्र लोग राशनकार्ड व पेंशन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है। निवर्तमान सरपंच द्वारा वर्तमान में अपनी पत्नी को गांव के सरपंच की उम्मीदवार बनाकर खड़ा किया है। किंतु यहां की जनता भी पांच साल में सब देख और समझ चुकी है और वे इस बार भय व भ्रष्ट्राचार मुक्त जनप्रतिनिधि चुनने को लेकर कटिबद्ध है।
